PRIMARY KA MASTER
उत्तर प्रदेश में शिक्षकों की आगामी भर्तियां 2022 UPPSC 2022 का 250 पदों के लिए नोटिफिकेशन जारी
आईपीएल 2022 शेड्यूल, प्वाइंट टेबल यूपी बोर्ड 10th-12th एग्जाम की डेटशीट
17000 शिक्षक भर्ती नवीनतम अपडेटयूपी पुलिस 26382 कॉन्स्टेबल पदों पर भर्ती
उप्र लोक सेवा आयोग परीक्षा कैलेंडर 2022 UPSSSC प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (PET 2022)
उत्तर प्रदेश प्रमाणपत्र सत्यापन - आय, जाति, निवास , यूपीबोर्ड, टेट बेसिक शिक्षा परिषद की वर्ष-2022 की अवकाश तालिका
शिक्षक सूचनाओं को सीधे पाने लिए ज्वाइन करें शिक्षक समूह
B.ed vs BTC : कोर्ट ने NCTE को नोटिस जारी कर जवाब मांगा, अगली सुनवाई 22 फरवरी को

राजस्थान में REET के लिए B.Ed. अभ्यर्थियों को Supreme Court से भी राहत नहीं मिल पाई है। शुक्रवार को Supreme Court ने भारत सरकार की ओर से NCTE (नेशनल काउंसिल फॉर टीचर एजुकेशन) को नोटिस जारी कर इस पूरे मामले पर जवाब मांगा है। अब 9 फरवरी तक होने वाले REET के आवेदन में B.Ed. की योग्यता रखने वाले 9 लाख अभ्यर्थी शामिल नहीं हो सकेंगे। अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी।

राजस्थान में REET के level वन में B.Ed. धारियों को शामिल करने के खिलाफ BSTC (बेसिक स्कूल टीचिंग कोर्स) अभ्यर्थियों ने 2 महीने तक आंदोलन किया था। इसके बाद यह मामला राजस्थान High Court में पहुंचा था। जहां हाईकोर्ट ने BSTC अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए B.Ed. अभ्यर्थियों को Level-1 से बाहर कर दिया था। इसके बाद NCTE ने B.Ed. अभ्यर्थियों के समर्थन Supreme Court में याचिका दायर की थी।

NCTE का Notification, जिससे शुरू हुआ विवाद
NCTE ने साल 2018 में एक Notification जारी कर B.Ed. डिग्रीधारकों को भी REET Level प्रथम के लिए योग्य माना था। NCTE ने यह भी कहा था कि अगर B.Ed. डिग्रीधारी लेवल-1 में पास होते हैं, तो उन्हें नियुक्ति के साथ 6 माह का ब्रिज कोर्स करना होगा। NCTE के इस Notification को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई। B.Ed. डिग्रीधारियों ने भी खुद को REET लेवल प्रथम में शामिल करने को लेकर याचिका लगाई। इस पर फैसला नहीं हो पाया। राजस्थान सरकार ने REET 2021 का नोटिफिकेशन जारी किया, तो उसमें B.Ed. डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को इस शर्त के साथ परीक्षा में बैठने दिया कि आखिरी फैसला हाईकोर्ट के निर्णय के अधीन रहेगा।

B.Ed. डिग्रीधारी हुए लेवल-1 से बाहर
26 सितंबर को REET का आयोजन हुआ। इसमें लेवल-1 में लगभग 9 लाख B.Ed. योग्यता रखने वाले अभ्यर्थी भी शामिल हुए। इसको लेकर BSTC अभ्यर्थियों ने विरोध शुरू कर दिया। मामला हाईकोर्ट में पहुंचा। दोनों पक्षों की ओर से सुनवाई की गई। हाईकोर्ट के जज अकील कुरैशी और सुदेश बंसल की खंडपीठ ने NCTE के Notification को अव्यवहारिक बताते हुए BSTC अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला दिया। हाईकोर्ट के फैसले के बाद दोनों परीक्षा देने वाले करीब 9 लाख अभ्यर्थी लेवल-1 के लिए अयोग्य ठहरा दिए गए हैं।

कोर्ट के फैसले का क्या होगा असर
REET लेवल -1 में BSTC के साथ B.Ed. डिग्री धारक को भी योग्य माने जाने पर Competition बढ़ गया था। ऐसे में BSTC के इस लेवल के योग्य अभ्यर्थी वंचित रह रहे थे। इस फैसले के बाद BSTC के उन अभ्यर्थियों को फायदा होगा, जो इसमें योग्य हैं। कॉम्पिटिशन कम होने से BSTC के अभ्यर्थियों की भर्ती होगी।

🏠 Home